दिल्ली और श्रीनगर ब्लास्ट की जांच में जुटी एजेंसियां, डॉक्टर उमर के कनेक्शन पर तेज़ी

दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट के सामने हुए विस्फोट की जांच तेजी से जारी है। जांच के दौरान फोरेंसिक टीम ने कई अहम सबूत जुटाए हैं, जिनसे इस ब्लास्ट की भयावहता और गुत्थी सुलझाने में मदद मिल रही है। जांच से पता चला है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. उमर विस्फोटक बनाने में माहिर थे। घटनास्थल से बरामद आई20 कार का 60 प्रतिशत हिस्सा इस विस्फोट से जुड़ी अहम जानकारी प्रदान कर रहा है। जांच एजेंसियां विस्फोट में इस्तेमाल हुए टाइमर, डिटोनेटर और पतले तारों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
फोरेंसिक टीम ने बरामद किए 48 सैंपल
जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, फोरेंसिक टीम ने अब तक 48 सैंपल विस्फोट स्थल से बरामद किए हैं। इन नमूनों की मदद से विस्फोटक की प्रकृति और बनाने के तरीके का पता लगाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि डॉ. उमर ने अमोनियम नाइट्रेट को अन्य विस्फोटकों के साथ मिलाकर बम बनाया था। ऐसा बम तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगता। जांचकर्ताओं का अनुमान है कि डॉ. उमर ने बम तीन घंटे के दौरान रेड फोर्ट के पार्किंग क्षेत्र में तैयार किया होगा। इस पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है कि विस्फोटक सामग्री कहां से आई और उसे किस तरह तैयार किया गया।

नौगाम विस्फोट का मामला भी जांच के दायरे में
दिल्ली के रेड फोर्ट विस्फोट के साथ ही जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट की भी जांच जारी है। नौगाम विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात और गृह मंत्रालय ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने साफ किया कि नौगाम विस्फोट कोई आतंकी हमला नहीं था, बल्कि एक दुर्घटना थी। दोनों विस्फोटों की जांच में एक दूसरे से जुड़े पहलुओं पर भी काम किया जा रहा है।
अब तक की जांच में मिली अहम जानकारियां
फोरेंसिक टीम द्वारा बरामद किए गए सैंपल और विस्फोटक सामग्री से पता चला है कि विस्फोट में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल हुआ था। रेड फोर्ट के मामले में टाइमर और डिटोनेटर का उपयोग किया गया। इसके अलावा, विस्फोट स्थल से मिले पतले तार भी विस्फोट के यंत्र को नियंत्रित करने में काम आए थे। जांच से यह भी सामने आया कि विस्फोटक सामग्री को फरीदाबाद से जब्त किया गया था, जिसे आगे की जांच में नौगाम पुलिस स्टेशन में रखा गया था, जहां दूसरी घटना हुई।
जांच अभी जारी, सबूत जुटाने में जुटी एजेंसियां
दोनों विस्फोटों की जांच अभी चल रही है और जांच एजेंसियां हर संभव सबूत जुटाकर पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए प्रयासरत हैं। आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। रेड फोर्ट विस्फोट और नौगाम विस्फोट दोनों मामलों में केंद्रीय एजेंसियां सहयोग कर रही हैं। देश की सुरक्षा के लिहाज से इन जांचों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। जल्द ही जांच के नतीजे सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके।